मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ। सूर्य देव आपके जीवन को सुख और ऊर्जा से भर दें। ☀️🙏
मकर संक्रांति 2027: तारीख, महत्व और शुभकामनाएँ
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 86 दिन बाकी
कुछ स्थानों पर 14 जनवरी 2027 को मनाई जाएगी, क्योंकि सूर्य 14 जनवरी को सूर्यास्त के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सूर्य के उत्तरायण होने और तिल-गुड़ का पर्व।
मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण होते हैं। इसके बाद दिन बड़े होने लगते हैं। यह उन गिने-चुने हिंदू पर्वों में है जो चंद्रमा के बजाय सूर्य की गति पर आधारित हैं।
इस दिन लोग नदियों में पवित्र स्नान करते हैं, तिल, गुड़, खिचड़ी और गरम कपड़ों का दान करते हैं और तिल-गुड़ के लड्डू खाते हैं। गुजरात और राजस्थान में आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है।
परंपराएँ और पूजा
- सूर्योदय के समय नदी में पवित्र स्नान
- तिल, गुड़, खिचड़ी और गरम कपड़ों का दान
- तिल-गुड़ के लड्डू और खिचड़ी खाना
- परिवार और पड़ोसियों के साथ पतंग उड़ाना
मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ
सभी संदेश देखेंमकर संक्रांति की फ़ोटो
पूरी गैलरी देखेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में मकर संक्रांति कब है?
ज़्यादातर पंचांगों में मकर संक्रांति 15 जनवरी 2027 को है। कुछ स्थानों पर 14 जनवरी को मनाई जाएगी, क्योंकि सूर्य 14 तारीख़ को सूर्यास्त के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
अलग-अलग राज्यों में मकर संक्रांति को क्या कहते हैं?
तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण, असम में माघ बिहू, उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी, और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में संक्रांति कहते हैं।