गोवर्धन पूजा 2026: तारीख, महत्व और शुभकामनाएँ

मंगलवार, 10 नवंबर 2026 20 दिन बाकी

कुछ पंचांगों में 9 नवंबर दिया गया है। अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

अन्नकूट और श्री कृष्ण की गोवर्धन लीला।

गोवर्धन पूजा का महत्व

गोवर्धन पूजा उस दिन की याद में मनाई जाती है जब भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठा लिया था। यह प्रकृति, गौ माता और अन्न के प्रति कृतज्ञता का पर्व है।

परिवार गोबर या मिट्टी से छोटा गोवर्धन पर्वत बनाते हैं और श्री कृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाते हैं, जिसमें कई तरह के व्यंजन होते हैं। गुजरात में यह दिन नए साल के रूप में भी मनाया जाता है।

परंपराएँ और पूजा

  1. गोवर्धन बनाकर उसकी परिक्रमा करना
  2. अन्नकूट के कई व्यंजन बनाकर भोग लगाना
  3. गाय और पशुओं की पूजा

गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएँ

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गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की हार्दिक शुभकामनाएँ। श्री कृष्ण आपकी हर विपदा से रक्षा करें। 🙏✨

गिरिराज धरण की कृपा आप पर सदा बनी रहे। जय श्री कृष्ण। 🙏✨

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपके घर में अन्न और धन के भंडार भरे रहें। 🌼🙏

शायरी

गिरिराज उठाया उँगली पर, बचाया ब्रज को हर संकट से। जय श्री कृष्ण, शुभ गोवर्धन पूजा। 🙏🌿

गोवर्धन पूजा की फ़ोटो

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  • शुभ गोवर्धन पूजा: गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की हार्दिक शुभकामनाएँ। श्री कृष्ण आपकी हर विपदा से रक्षा करें। 🙏✨
  • शुभ गोवर्धन पूजा: गिरिराज धरण की कृपा आप पर सदा बनी रहे। जय श्री कृष्ण। 🙏✨
  • शुभ गोवर्धन पूजा: गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपके घर में अन्न और धन के भंडार भरे रहें। 🌼🙏
  • शुभ गोवर्धन पूजा: गिरिराज उठाया उँगली पर, बचाया ब्रज को हर संकट से। जय श्री कृष्ण, शुभ गोवर्धन पूजा। 🙏🌿

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में गोवर्धन पूजा कब है?

ज़्यादातर पंचांगों में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 को है, कुछ में प्रतिपदा तिथि के अनुसार 9 नवंबर दी गई है।

अन्नकूट क्या है?

अन्नकूट का अर्थ है अन्न का पहाड़। इस दिन श्री कृष्ण को कई तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है और फिर प्रसाद सबमें बाँटा जाता है।