छोटी दिवाली 2026: तारीख, महत्व और शुभकामनाएँ

शनिवार, 7 नवंबर 2026 17 दिन बाकी

नरक चतुर्दशी, बड़ी दिवाली की तैयारी का दिन।

छोटी दिवाली का महत्व

छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर राक्षस पर विजय पाई थी। दक्षिण भारत में यही मुख्य दीपावली का दिन है, जिसे सुबह तेल स्नान और नए कपड़ों के साथ मनाया जाता है।

उत्तर भारत में परिवार इस दिन कुछ दीये जलाते हैं, घर की सजावट पूरी करते हैं, मिठाइयाँ बनाते हैं और अगली शाम की लक्ष्मी पूजा की तैयारी करते हैं।

परंपराएँ और पूजा

  1. सूर्योदय से पहले उबटन और तेल से अभ्यंग स्नान
  2. घर के आसपास चौदह दीये जलाना
  3. मिठाइयाँ बनाना और रंगोली पूरी करना

छोटी दिवाली की शुभकामनाएँ

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छोटी दिवाली की ढेर सारी शुभकामनाएँ। आपका जीवन दीपों की तरह जगमगाता रहे। 🪔🌼

रूप चौदस के पावन पर्व पर आपको सौंदर्य, स्वास्थ्य और खुशियाँ मिलें। 🪔✨

नरक चतुर्दशी के पावन पर्व पर आपके जीवन से हर अंधेरा दूर हो। छोटी दिवाली की शुभकामनाएँ। 🪔🌼

शायरी

आज छोटे दीयों की रोशनी है, कल बड़ी दिवाली की खुशी है। शुभ छोटी दिवाली। 🪔✨

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  • शुभ छोटी दिवाली: छोटी दिवाली की ढेर सारी शुभकामनाएँ। आपका जीवन दीपों की तरह जगमगाता रहे। 🪔🌼
  • शुभ छोटी दिवाली: रूप चौदस के पावन पर्व पर आपको सौंदर्य, स्वास्थ्य और खुशियाँ मिलें। 🪔✨
  • शुभ छोटी दिवाली: नरक चतुर्दशी के पावन पर्व पर आपके जीवन से हर अंधेरा दूर हो। छोटी दिवाली की शुभकामनाएँ। 🪔🌼
  • शुभ छोटी दिवाली: आज छोटे दीयों की रोशनी है, कल बड़ी दिवाली की खुशी है। शुभ छोटी दिवाली। 🪔✨

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में छोटी दिवाली कब है?

छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) शनिवार, 7 नवंबर 2026 को है।

छोटी दिवाली को रूप चौदस क्यों कहते हैं?

इस दिन सुबह उबटन लगाकर स्नान करने की परंपरा है, जिसे रूप और सेहत निखारने वाला माना जाता है, इसलिए इसे रूप चौदस भी कहते हैं।