गुरु नानक जयंती 2026: तारीख, महत्व और शुभकामनाएँ

मंगलवार, 24 नवंबर 2026 34 दिन बाकी

गुरपुरब की तिथि कैलेंडर के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। अपने स्थानीय गुरुद्वारे से पुष्टि करें।

गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व।

गुरु नानक जयंती का महत्व

गुरु नानक जयंती, जिसे गुरपुरब या प्रकाश पर्व भी कहते हैं, सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के प्रकाश का पर्व है। उनका जन्म 1469 में राय भोई की तलवंडी में हुआ था, जो आज ननकाना साहिब कहलाता है। यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है।

गुरु नानक देव जी ने एक ओंकार, यानी एक ईश्वर का संदेश दिया और सिखाया कि सभी मनुष्य बराबर हैं। इस दिन गुरुद्वारों में अखंड पाठ, कीर्तन और कथा होती है, नगर कीर्तन निकलता है और सबके लिए लंगर परोसा जाता है।

परंपराएँ और पूजा

  1. अखंड पाठ, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का निरंतर पाठ
  2. प्रभात फेरी, सुबह शबद गाते हुए फेरी
  3. पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन
  4. गुरुद्वारे में कीर्तन और कथा
  5. लंगर, सबके लिए सामूहिक भोजन

गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएँ

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गुरु नानक जयंती की लख-लख बधाइयाँ। वाहेगुरु जी की कृपा आप पर सदा बनी रहे। 🙏✨

परिवार

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर आपके परिवार को सुख, शांति और चढ़दी कला मिले। 🙏🌼

सुविचार

नाम जपो, किरत करो, वंड छको। गुरपुरब की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏✨

छोटा स्टेटस

सतनाम वाहेगुरु। गुरपुरब पर गुरु साहिब की मेहर आप पर बनी रहे। 🙏🌼

गुरु नानक जयंती की फ़ोटो

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  • गुरु नानक जयंती की बधाई: गुरु नानक जयंती की लख-लख बधाइयाँ। वाहेगुरु जी की कृपा आप पर सदा बनी रहे। 🙏✨
  • गुरु नानक जयंती की बधाई: गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर आपके परिवार को सुख, शांति और चढ़दी कला मिले। 🙏🌼
  • गुरु नानक जयंती की बधाई: नाम जपो, किरत करो, वंड छको। गुरपुरब की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏✨
  • गुरु नानक जयंती की बधाई: ना कोई ऊँचा, ना कोई नीचा, सबमें एक ही नूर समाया। गुरपुरब की लख-लख बधाइयाँ। 🙏✨

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में गुरु नानक जयंती कब है?

गुरु नानक जयंती, यानी गुरपुरब, 24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा पर है। तिथि कैलेंडर के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए अपने गुरुद्वारे से पुष्टि करें।

गुरु नानक देव जी की मुख्य शिक्षा क्या है?

गुरु नानक देव जी ने नाम जपना, किरत करनी और वंड छकना की शिक्षा दी, यानी एक ईश्वर का स्मरण, ईमानदारी की कमाई और दूसरों के साथ बाँटना। उन्होंने सभी मनुष्यों की बराबरी का संदेश दिया।