क्रिसमस 2026: तारीख, महत्व और शुभकामनाएँ

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 65 दिन बाकी

प्रभु यीशु के जन्म का पर्व, प्रेम और सेवा का संदेश।

क्रिसमस का महत्व

क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को प्रभु यीशु मसीह के जन्म की याद में मनाया जाता है। भारत में गोवा, केरल, मुंबई, कोलकाता और पूर्वोत्तर राज्यों में इसकी ख़ास रौनक होती है, और हर धर्म के लोग मिलकर इस पर्व की ख़ुशियाँ बाँटते हैं।

लोग घरों को क्रिसमस ट्री, तारों और रोशनी से सजाते हैं, आधी रात की प्रार्थना में शामिल होते हैं और कैरोल गाते हैं। केक, मिठाइयाँ और उपहार बाँटकर प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश दिया जाता है।

परंपराएँ और पूजा

  1. आधी रात की प्रार्थना और कैरोल गायन
  2. क्रिसमस ट्री और तारे से सजावट
  3. प्रभु यीशु के जन्म की झाँकी (क्रिब) बनाना
  4. प्लम केक, मिठाई और उपहार बाँटना

क्रिसमस की शुभकामनाएँ

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क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रभु यीशु आपके घर को प्रेम और शांति से भर दें। 🎄✨

परिवार

आपको और आपके परिवार को मेरी क्रिसमस। यह त्योहार ढेर सारी ख़ुशियाँ लेकर आए। 🎄❤️

शायरी

जगमगाते तारे, सजा क्रिसमस ट्री, ख़ुशियों से भरी हो हर घड़ी। मेरी क्रिसमस। 🎄⭐

सुविचार

प्रेम बाँटने से बढ़ता है। इस क्रिसमस किसी के चेहरे पर मुस्कान लाएँ। 🎁✨

क्रिसमस की फ़ोटो

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  • मेरी क्रिसमस: क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रभु यीशु आपके घर को प्रेम और शांति से भर दें। 🎄✨
  • मेरी क्रिसमस: आपको और आपके परिवार को मेरी क्रिसमस। यह त्योहार ढेर सारी ख़ुशियाँ लेकर आए। 🎄❤️
  • मेरी क्रिसमस: जगमगाते तारे, सजा क्रिसमस ट्री, ख़ुशियों से भरी हो हर घड़ी। मेरी क्रिसमस। 🎄⭐
  • मेरी क्रिसमस: प्रेम बाँटने से बढ़ता है। इस क्रिसमस किसी के चेहरे पर मुस्कान लाएँ। 🎁✨

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में क्रिसमस कब है?

क्रिसमस शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 को है। इससे एक दिन पहले, 24 दिसंबर को क्रिसमस ईव होती है।

क्रिसमस पर तारा क्यों लगाया जाता है?

यह बेथलहम के तारे की याद दिलाता है, जिसने ज्ञानी पुरुषों को प्रभु यीशु के जन्मस्थान तक रास्ता दिखाया था।